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हिमालय की वादियों में एक ऐसा फूल भी है जो 14 साल में एक बार खिलता है यह है ब्रह्मकमल।
यह फूल सिर्फ रात में खिलता है और सुबह होते ही इसका फूल बंद हो जाता है।
इसे देखने दुनियाभर से लोग पहुंच रहे हैं, हिमालय की घाटी।
इसका नाम ब्रह्मा के नाम पर दिया गया है।
धार्मिक और प्राचीन मान्यता के अनुसार ब्रह्मकमल भगवान महादेव का प्रिय फूल है।
यह ब्रह्मकमल हिमालय के बेहद ठंडे इलाकों में ही मिलता है। ब्रह्मकमल हिमालय के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम चीन में पाया जाता है।
तथा बदरीनाथ, केदारनाथ व फूलों की घाटी, हेमकुंड साहिब, वासुकीताल, वेदनी बुग्याल, मद्महेश्वर, रूप कुंड, तुंगनाथ में ये फूल मिलता है।
केदारनाथ धाम में ब्रह्म वाटिका में भी यह फूल खिले हैं।
औषधीय गुणों के कारण भी यह काफी प्रसिद्ध है, इसकी सुंदरता और औषधीय गुणों के कारण ही इसे संरक्षित प्रजाति में रखा गया है।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में ब्रह्मकमल को काम में लिया जाता है।
यह भी कहा जाता है घर में भी ब्रह्मकमल रखने से कई दोष दूर होते हैं।
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